नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी .....चरचा के अस्तित्व, भविष्य और स्थायित्व की लड़ाई को लेकर चरचा बचाव मंच के आह्वान पर 30 अक्टूबर को आयोजित नगर पालिका शिवपुर चरचा महाबंद पूरी तरह सफल रहा। बंद को स्थानीय व्यापारियों, नागरिकों और युवाओं का अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। सुबह से ही बाजार की दुकानें बंद रहीं और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में व्यापारी एवं स्थानीय नागरिक आंदोलन के समर्थन में एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। इस महाबंद की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहा, जिसमें आम नागरिकों ने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर चरचा के भविष्य के लिए अपनी आवाज बुलंद की।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विभिन्न संगठनों द्वारा चरचा बंद का आह्वान किया गया था, लेकिन इस बार जिस व्यापक स्तर पर व्यापारियों और आम नागरिकों का समर्थन देखने को मिला, वह अपने आप में महत्वपूर्ण रहा। महाबंद के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह और अपनी मांगों को लेकर दृढ़ संकल्प दिखाई दिया।
बाइक रैली से गूंजा चरचा, नुक्कड़ सभाओं में उठी अधिकारों की आवाज.......महाबंद के दौरान सैकड़ों व्यापारियों एवं नागरिकों ने बाइक रैली निकालकर विभिन्न कॉलोनियों और बस्तियों का भ्रमण किया। रैली के माध्यम से लोगों को चरचा की दो प्रमुख मांगों के प्रति जागरूक किया गया। इसके पश्चात वार्ड क्रमांक 11, वार्ड क्रमांक 4 एवं वार्ड क्रमांक 7 में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया, जहां मंच के पदाधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों के समक्ष चरचा की वर्तमान परिस्थितियों और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को रखा। नुक्कड़ सभाओं में उपस्थित नागरिकों ने भी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए मांगों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद व्यापारी एवं नागरिक वार्ड क्रमांक 8 में चरचा-कटघोड़ी सड़क मार्ग के प्रारंभिक स्थल पर पहुंचे, जहां सड़क निर्माण की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पूरे कार्यक्रम के दौरान नागरिकों का उत्साह और एकजुटता देखते ही बन रही थी।चरचा बचाव मंच ने इस महाबंद के माध्यम से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने दो महत्वपूर्ण मांगें प्रमुखता से रखीं।
पहली मांग—चरचा से कटघोड़ी तक लगभग 7 किलोमीटर सड़क का निर्माण।......मंच का कहना है कि इस सड़क के अभाव में लगभग 50 हजार लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। सड़क निर्माण से चरचा और कटघोड़ी के बीच सीधा संपर्क बेहतर होगा। लोगों को बस, रेल, क्षेत्रीय चिकित्सालय और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार एवं विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
दूसरी मांग—एसईसीएल की अनुपयोगी भूमि पर गरीबों को पट्टा..... चरचा कालरी क्षेत्र में वर्षों से निवासरत गरीब और आवासहीन परिवारों को ऐसी अनुपयोगी एसईसीएल भूमि पर स्थायी पट्टा उपलब्ध कराया जाए, जिससे कोयला उत्पादन एवं खनन गतिविधियां प्रभावित न हों। मंच का मानना है कि इससे गरीब परिवारों को आवासीय सुरक्षा मिलेगी और चरचा की आबादी एवं बसाहट का अस्तित्व भी सुरक्षित रह सकेगा
चरचा बचाव मंच के अध्यक्ष नीरज गुप्ता ने कहा कि चरचा का भविष्य बचाने और क्षेत्र के स्थायित्व के लिए ये दोनों मांगें बेहद महत्वपूर्ण हैं। सड़क निर्माण और गरीबों को भूमि का पट्टा देने के संबंध में मुख्यमंत्री, विधायक, सांसद, कलेक्टर सहित सत्ता और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों एवं शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि आज का महाबंद किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि चरचा के अस्तित्व, विकास और यहां के नागरिकों के अधिकारों के लिए आयोजित किया गया था। जिस तरह से व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों ने अपना समर्थन दिया है, वह इस बात का प्रमाण है कि चरचा की जनता अब अपने भविष्य को लेकर जागरूक और एकजुट हो चुकी है।
वहीं व्यापारी मोहम्मद आरिफ इराकी ने कहा कि व्यापारी अब केवल आश्वासनों के भरोसे नहीं बैठेंगे। यदि मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर धरना, अनशन और भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी दिया समर्थन.....इस महाबंद की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी रही कि नगर पालिका शिवपुर चरचा के पूर्व पार्षद मोहम्मद एजाज एवं मोहम्मद महमूद हसन तथा पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद जानू वसीम ने भी आंदोलन में शामिल होकर अपना समर्थन दिया। उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि चरचा के बुनियादी मुद्दों पर पूर्व जनप्रतिनिधि भी जनता के साथ खड़े हैं।
नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रम के समापन पर चरचा बचाव मंच के अध्यक्ष नीरज गुप्ता ने महाबंद को ऐतिहासिक सफलता दिलाने वाले समस्त व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं, मंच के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।महाबंद में मंच के पदाधिकारी नीरज गुप्ता, मोहम्मद आरिफ, प्रकाश शर्मा, राजेश्वर चंद्रा, संजय शर्मा, राज किरण परमार, सोहेल अहमद, विनोद सिंह, विक्रांत सिंह, अनिकेत ठाकुर, मुमताज अंसारी, धीरेंद्र दीक्षित, प्रदीप करमाकर, पंकज मोदी, मोहम्मद शाहिद, टीपू, राकेश बैद, बाबू शर्मा, विकास मोदी, सुबोध मंडल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे
नगर पालिका चुनाव का होगा बहिष्कार......चरचा महाबंद के दौरान एक और महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया, जब आंदोलन में शामिल सैकड़ों नागरिकों और व्यापारियों ने एक स्वर में आगामी नगर पालिका शिवपुर चरचा चुनाव 2026 के बहिष्कार की बात कही। नागरिकों का कहना था कि वर्षों से चरचा की मूलभूत समस्याएं और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे लंबित हैं। सड़क निर्माण और गरीबों को भूमि का पट्टा देने जैसी बुनियादी मांगों पर बार-बार आवेदन और ज्ञापन देने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होना जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
मंच की ओर से स्पष्ट किया गया कि यदि दोनों प्रमुख मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आगामी नगर पालिका चुनाव में मतदान बहिष्कार का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए घर-घर पंपलेट पहुंचाकर नागरिकों से समर्थन मांगा जाएगा।महाबंद में मतदान बहिष्कार को लेकर दिखाई दिया जनसमर्थन इस आंदोलन का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि जनता की इस सामूहिक आवाज को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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